(माना जनाब ने पुकारा नहीं क्या मेरा साथ भी गवारा नहीं मुफ़्त में बन के, चल दिये तनके, वल्ला जवाब तुम्हारा नहीं ) \- २ माना जनाब ने ... (यारों का चलन है गुलामी देतें हैं हसीनों को सलामी ) \- २ गुस्सा ना कीजिये जाने भी दीजिये बन्दगी तो बन्दगी तो लीजिये साहब माना जनाब ने ... (टूटा फूटा दिल ये हमारा, जैसा भी है अब है तुम्हारा ) \- २ इधर देखिये, नज़र फेरिये दिल्लगी ना दिल्लगी ना कीजिये साहब माना जनाब ने ... (माशा अल्ला कहना तो माना बन गया बिगड़ा ज़माना ) \- २ तुमको हँसा दिया, प्यार सिखा दिया \- २ शुक्रिया तो शुक्रिया तो कीजिये साहब माना जनाब ने पुकारा नहीं, क्या मेरा साथ भी गवारा नहीं मुफ़्त में बन के, चल दिये तनके, वल्ला जवाब तुम्हारा नहीं हाय \- ३
One flew Over the Cuckoos Nest
13 years ago
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